
धनबाद: धनबाद के बहुचर्चित मटकुरिया गोलीकांड मामले में 15 वर्ष लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार शुक्रवार को एमपी-एमएलए कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। विशेष न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक मन्नान मल्लिक समेत 28 आरोपियों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को तीन वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। हालांकि अदालत ने सभी दोषियों को उच्च न्यायालय में अपील दायर करने के लिए 30 दिनों की औपबंधिक जमानत भी प्रदान की।दो आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंटसुनवाई के दौरान आरोपी विनोद सिंह उर्फ पप्पू सिंह और अजय कुमार राउत अदालत में उपस्थित नहीं हुए। इस पर अदालत ने दोनों का बंधपत्र रद्द करते हुए उनकी गिरफ्तारी का वारंट जारी कर दिया। वहीं पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक और उनके पुत्र हुबान मल्लिक बीमारी के कारण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश हुए।किन-किन को मिली सजादोषी ठहराए गए लोगों में पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक, उनके पुत्र हुबान मल्लिक, शब्बीर आलम, धर्मवीर कुमार शर्मा, राजकुमार पासी, वीरेंद्र कुमार सिंह, कुमार अभिषेक, मोहम्मद अजीम, अजय कुमार सिंह, शगुन चौहान, बलदेव पांडेय, दिलचंद चौहान, मोहम्मद कलाम, भगवान साव, शक्ति कुमार, बाबर अली खान, ब्रजेश कुमार, वीरेंद्र पासवान, अरविंद कुमार सिंह, रंजीत कुमार, जीवन चंद्र घोष, मोहम्मद हलीम अंसारी, मदन महतो, नवनीत नीरज, हरिंदर शाही, दीपक कुमार पासवान, इजहार अहमद और बद्री रविदास शामिल हैं।2011 में हुई थी हिंसक घटनायह मामला 27 अप्रैल 2011 का है। उस दिन मटकुरिया में बीसीसीएल के आवासों को अतिक्रमण मुक्त कराने गई पुलिस टीम और आंदोलनकारियों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी। गोलीबारी और हिंसा में विकास सिंह समेत चार लोगों की मौत हो गई थी, जबकि तत्कालीन धनबाद एसपी आर.के. धान गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद तत्कालीन एसडीओ जॉर्ज कुमार के लिखित बयान पर मामला दर्ज किया गया था।15 साल तक चली सुनवाईपुलिस ने जांच के बाद 38 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान पांच आरोपियों की मौत हो गई, जबकि एक आरोपी को भगोड़ा घोषित किए जाने के बाद उसका मुकदमा अलग कर दिया गया। वर्ष 2022 में आरोप तय होने के बाद नियमित सुनवाई शुरू हुई, जिसमें अभियोजन पक्ष ने 38 गवाहों के बयान दर्ज कराए। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने 10 जुलाई 2026 को फैसला सुनाया।इस फैसले के साथ धनबाद के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में से एक मटकुरिया गोलीकांड के ट्रायल का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो गया, हालांकि अब दोषियों के लिए उच्च न्यायालय में अपील का रास्ता खुला है।

